आज ही के दिन अपने अधिकार मांगने पर बहुत से साथी शहीद हो गये थे लेकिन ये सिलसिला बंद नहीं हुआ, उस दिन
Apr 02, 2021आज ही के दिन अपने अधिकार मांगने पर बहुत से साथी शहीद हो गये थे लेकिन ये सिलसिला बंद नहीं हुआ, उस दिन से आज तक कभी नोटबंदी में, तो कभी बेरोजगारी में, तो कभी महगाई में, तो कभी सरहद पर, तो कभी कर्मचारी के अधिकारों की मांग में, तो कभी शिक्षा की मांग में,
